उत्तराखण्डउधम सिंह नगरक्राइम

सिडकुल में फर्जी दस्तावेज़ रैकेट का पर्दाफाश, एसटीएफ की छापेमारी में जन सेवा केन्द्र सील

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ऊधम सिंह नगर – उत्तराखंड में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में चल रहे सत्यापन अभियान के दौरान एक फर्जी तरीके से संचालित जन सेवा केन्द्र का भंडाफोड़ किया गया है।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन और एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के नेतृत्व में राज्यभर में बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन तथा फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों के विरुद्ध सघन अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में एसटीएफ कुमाऊं यूनिट ने थाना ट्रांजिट कैम्प पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए जनपद ऊधम सिंह नगर के ट्रांजिट कैम्प क्षेत्र में संचालित “गंगवार जन सेवा केन्द्र” पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान आरोपी चेतन कुमार पुत्र राजपाल, निवासी रामपुर, को मौके से गिरफ्तार किया गया। उस समय वह कम्प्यूटर पर फर्जी मार्कशीट तैयार कर रहा था।

बिना पंजीकरण चल रहा था केन्द्र

जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले लगभग एक वर्ष से बिना किसी वैध पंजीकरण के जन सेवा केन्द्र संचालित कर रहा था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि सिडकुल क्षेत्र में नौकरी की तलाश में आने वाले बाहरी राज्यों के लोगों के लिए वह फर्जी पहचान पत्र तैयार करता था।

आरोपी एक सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन की मदद से फोटो और व्यक्तिगत विवरण संपादित कर आधार कार्ड, पैन कार्ड और शैक्षणिक मार्कशीट तैयार करता था। इसके बदले वह लोगों से मनचाही रकम वसूलता था।

बड़ी मात्रा में दस्तावेज और उपकरण बरामद

पुलिस टीम ने मौके से 42 आधार कार्ड, 55 पैन कार्ड और 9 फर्जी मार्कशीट बरामद कीं। इसके अलावा एक मॉनिटर, प्रिंटर, सीपीयू तथा बायोमैट्रिक फिंगर स्कैनर सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए।

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि बरामद अधिकांश आधार कार्डों में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के पते दर्ज थे, जिन्हें संपादित कर उत्तराखंड का दर्शाने की तैयारी की जा रही थी।

400 से 500 फर्जी दस्तावेज बनाने की स्वीकारोक्ति

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अब तक लगभग 400 से 500 लोगों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर चुका है। इन दस्तावेजों का उपयोग कथित रूप से सिडकुल क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करने के लिए किया गया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फर्जी तरीके से संचालित जन सेवा केन्द्र को सील कर आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि राज्य में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।

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