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जनसुनवाई में आयुक्त दीपक रावत का सख्त एक्शन, भूमि कानून उल्लंघन से लेकर जाम तक पर त्वरित फैसले

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हल्द्वानी – कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने मंगलवार को हल्द्वानी स्थित अपने कैम्प कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों में मौके पर ही समाधान कराया, जबकि शेष मामलों में संबंधित अधिकारियों को कड़े और समयबद्ध निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, धोखाधड़ी कर धनराशि हड़पने, अवैध निर्माण, पारिवारिक विवाद, पेयजल संकट, यातायात जाम और रोडवेज बस अड्डे की अव्यवस्थित व्यवस्था से जुड़े प्रकरण प्रमुख रूप से सामने आए। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़ी समस्याओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

काशीपुर से प्राप्त एक गंभीर शिकायत पर आयुक्त ने सख्त रुख अपनाया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक पुरानी फर्म के नाम पर कई नई कंपनियां पंजीकृत कर भू-कानून का उल्लंघन करते हुए विभिन्न स्थानों पर भूमि खरीदी गई और भूमि दस्तावेजों के आधार पर स्थायी निवास प्रमाण पत्र भी बनवाए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त ने उपजिलाधिकारी को तत्काल जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए और कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हल्द्वानी रोडवेज बस अड्डे और कालूसिद्ध मंदिर क्षेत्र में लगातार लग रहे जाम को लेकर आयुक्त ने पुलिस विभाग को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोडवेज बस स्टेशन के बाहर मुख्य मार्ग पर किसी भी स्थिति में यात्रियों को बसों में नहीं बैठाया जाएगा। साथ ही कालूसिद्ध मंदिर के आसपास ठेला-रेहड़ी के कारण हो रहे यातायात अवरोध को शीघ्र हटाने के आदेश भी दिए गए।

रामनगर के मालधचौड़ क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे इंटरलॉकिंग टाइल्स कार्य की गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिलने पर आयुक्त ने अधिशासी अभियंता लोनिवि को तत्काल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान भूमि क्रय और धनराशि लेन-देन से जुड़े कई मामलों में शिकायतकर्ताओं की धनराशि वापस कराई गई, जिस पर लोगों ने आयुक्त दीपक रावत का आभार व्यक्त किया।

बनभूलपुरा क्षेत्र के निवासियों ने नालियों में जाली लगाने, स्ट्रीट लाइट, पेयजल और विद्युत आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं उठाईं, जबकि गांधीनगर और काठगोदाम क्षेत्र से पैदल मार्ग, ड्रेनेज व्यवस्था, भूमि विवाद और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें सामने आईं। इन सभी मामलों में आयुक्त ने संबंधित विभागों को मौके पर निरीक्षण, सीमांकन और शीघ्र समाधान के स्पष्ट निर्देश दिए।

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