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Dehradun:-मां, डॉक्टर और परिचित निकले मास्टरमाइंड, पुलिस ने मुठभेड़ के बाद किया खुलासा

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देहरादून – उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हुए गैस एजेंसी संचालक की हत्या के खुलासे ने पूरे शहर को सन्न कर दिया है। संपत्ति और पैसों के विवाद में एक मां द्वारा अपने ही बेटे की हत्या की सुपारी देने का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में सामने आया कि 12 लाख रुपये में हत्या की डील तय की गई थी, जिसमें से 3 लाख रुपये एडवांस में दिए गए थे।

यह सनसनीखेज वारदात कोतवाली डालनवाला क्षेत्र अंतर्गत तिब्बती बाजार के पास बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे हुई, जहां अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी। मृतक की पहचान अर्जुन शर्मा निवासी इंदिरा नगर, थाना बसंत विहार, देहरादून के रूप में हुई, जो जीएमएस रोड स्थित अमरदीप गैस एजेंसी के संचालक थे।

पत्नी की तहरीर से खुला हत्या का राज

मृतक की पत्नी अभिलाषा शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। तहरीर में उन्होंने अपनी सास बीना शर्मा, उनके परिचित विनोद उनियाल, संगीता उनियाल और एसके मेमोरियल अस्पताल के संचालक डॉ. अजय खन्ना पर हत्या कराने का संदेह जताया था। उन्होंने बताया कि अर्जुन शर्मा का अपनी मां के साथ लंबे समय से पैसों और संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था, जो न्यायालय में विचाराधीन था।

मुठभेड़ में गिरफ्तार हुए शूटर

एसएसपी देहरादून अजय सिंह के निर्देश पर पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर नाकाबंदी और सघन चेकिंग अभियान चलाया। देर रात पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई, जिसमें दो शूटर घायल अवस्था में गिरफ्तार किए गए। आरोपियों की पहचान राजीव उर्फ राजू और पंकज राणा, दोनों निवासी इंदिरा कॉलोनी, चुक्खूवाला के रूप में हुई।

पूछताछ में दोनों ने तिब्बती बाजार के पास अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या करने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि पंकज राणा, विनोद उनियाल के यहां ड्राइवर का काम करता था, जबकि राजीव ऑटो चालक है।

करोड़ों की प्रॉपर्टी बनी हत्या की वजह

पुलिस जांच में सामने आया कि डॉ. अजय खन्ना, जो इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं और एसके मेमोरियल अस्पताल का संचालन करते हैं, ने बीना शर्मा से जीएमएस रोड स्थित संपत्ति 14 करोड़ रुपये में खरीदने का सौदा किया था। इसमें से 8 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका था, लेकिन अर्जुन शर्मा ने इस संपत्ति पर कोर्ट से स्टे ले लिया था।

स्टे के चलते सौदा अटकने और पैसे फंसने से विवाद गहराता गया। इसी बीच मां-बेटे के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हो गए। बीना शर्मा ने खुद को बेटे से खतरा बताते हुए हाईकोर्ट से सुरक्षा भी ली थी।

12 लाख में तय हुई हत्या की सुपारी

पुलिस के अनुसार, प्रॉपर्टी विवाद से निजात पाने के लिए बीना शर्मा, विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना ने मिलकर अर्जुन शर्मा को रास्ते से हटाने की साजिश रची। शूटर पंकज और राजीव को 12 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी गई, जिसमें से 3 लाख रुपये एडवांस में दिए गए थे। शेष रकम काम पूरा होने के बाद देने की बात तय हुई थी।

हत्या से पहले मां ने ली थी दिनचर्या की जानकारी

जांच में यह भी सामने आया कि हत्या से कुछ दिन पहले बीना शर्मा ने अर्जुन शर्मा के मैनेजर से उसकी दिनचर्या और आवाजाही की पूरी जानकारी ली थी। अर्जुन शर्मा पारिवारिक विवाद के चलते इंदिरा नगर क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहे थे।

तीनों मास्टरमाइंड गिरफ्तार

शूटरों के कबूलनामे और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने बीना शर्मा, विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस तीनों से गहन पूछताछ कर रही है और मामले में अन्य तथ्यों की भी जांच जारी है।

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