पत्थर-मलबे से घिरे आशियाने,कांडेकन्याल में पांच परिवारों के आशियाने खतरे में

कांडा – लगातार हो रही बारिश के चलते कांडा तहसील के कांडेकन्याल गांव में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ी से पानी के साथ मलबा और बड़े पत्थर गिरने तथा घरों के आसपास जमीन धंसने से पांच परिवारों की चिंता बढ़ गई है। कई घरों में पानी और कीचड़ घुसने से ग्रामीणों का जरूरी सामान खराब हो गया है। प्रभावित परिवारों को हर समय मकानों के मलबे की चपेट में आने का डर सता रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक बारिश तेज होते ही पहाड़ी से पानी के साथ मलबा और पत्थर नीचे की ओर आने लगते हैं। घरों के आसपास पानी जमा होने और जमीन धंसने से मकानों की नींव को भी खतरा पैदा हो गया है। रात के समय स्थिति और भयावह हो जाती है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिवारों को पूरी रात चिंता में गुजारनी पड़ रही है।
ग्रामीण पार्वती देवी ने बताया कि भूस्खलन के डर के बीच रात गुजारना मुश्किल हो गया है। छोटे बच्चों को लेकर ज्यादा चिंता रहती है। रसोई में पानी घुसने से सामान खराब हो गया है और घर के आसपास के रास्ते भी बदहाल हो गए हैं। ऐसे में आवाजाही करने में भी डर लग रहा है।
सीमा देवी ने बताया कि बारिश के कारण घरों के आसपास की जमीन धंस गई है। अचानक मलबा आने का खतरा बना हुआ है और परिवार दहशत के साये में रहने को मजबूर हैं। वहीं बबीता देवी के अनुसार घर के अंदर कीचड़ भरने से जरूरी सामान खराब हो गया है। बारिश तेज होते ही खतरा और बढ़ जाता है।
भावना देवी ने बताया कि घर के आसपास भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। घर से कुछ ही दूरी पर पत्थर गिरने का खतरा है, जिससे परिवार लगातार भयभीत है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कराने, पानी की निकासी की पुख्ता व्यवस्था करने तथा खतरे की जद में आए परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की मांग की है।
मामले में एसडीएम गरुड़ वैभव कांडपाल ने कहा कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में टीम भेजी जाएगी। मानकों के अनुसार मौके पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
लगातार बारिश के बीच ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन खतरे का तत्काल आकलन कर आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठाए, ताकि किसी अप्रिय घटना से पहले प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।




