Haldwani:- विवादों का चंदन अस्पताल! गरीब बच्चे के इलाज के बिल को लेकर हंगामा विरोध के बाद शून्य हुआ बिल..वीडियो

हल्द्वानी। राजपुरा क्षेत्र में एक घायल बच्चे के इलाज और बिल को लेकर चंदन अस्पताल में विवाद खड़ा हो गया। परिजनों के मुताबिक, टुक-टुक के पीछे दबकर घायल हुए बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। परिजनों का कहना है कि बच्चे के इलाज में आयुष्मान कार्ड लगाए जाने की बात कही गई थी, लेकिन इसके बावजूद इलाज के बिल को लेकर परिवार की परेशानी बढ़ गई।
परिजनों के अनुसार करीब 45 मिनट के भीतर बिल लगभग 20 हजार रुपये से बढ़कर 35 हजार और फिर करीब 50 हजार रुपये तक पहुंच गया। बढ़ती रकम को लेकर परिजनों ने आपत्ति जताई और मामले की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दी।सूचना मिलने के बाद पार्षद रोहित कुमार, पार्षद सलीम सैफी, रईस अहमद वारसी, मोक़ीम सैफी, पूर्व पार्षद इस्लाम मिकरानी, पूर्व पार्षद महेश और नदीम अहमद ध्रुव समेत कई लोग अस्पताल पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल परिसर में धरना देकर बिलिंग व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।
विरोध के दौरान अस्पताल परिसर में “गरीबों को लूटना बंद करो” और “तानाशाही बंद करो” जैसे नारे भी लगाए गए। काफी देर तक चले विरोध और बातचीत के बाद उपलब्ध जानकारी के अनुसार अस्पताल की ओर से बिल शून्य किए जाने की बात सामने आई, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
आयुष्मान कार्ड को लेकर उठे सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि बच्चे का इलाज आयुष्मान योजना के तहत होना था, तो इतनी बड़ी रकम का बिल कैसे बना। हालांकि, इस संबंध में परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की पूरी स्थिति अस्पताल प्रबंधन का पक्ष और संबंधित बिल एवं दस्तावेज सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पहले भी विवादों को लेकर उठते रहे हैं सवाल
चंदन अस्पताल को लेकर पूर्व में भी अलग-अलग मामलों में विवाद और आरोप सामने आ चुके हैं। अब इस ताजा मामले ने एक बार फिर गरीब मरीजों के इलाज, अस्पताल की बिलिंग व्यवस्था और आयुष्मान कार्ड के इस्तेमाल की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि, किसी भी मामले की निष्पक्ष तस्वीर सामने रखने के लिए अस्पताल प्रबंधन का पक्ष भी जरूरी है। चंदन अस्पताल प्रबंधन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।
फिलहाल सवाल यही है कि आयुष्मान कार्ड के बावजूद इलाज के बिल को लेकर ऐसी स्थिति क्यों बनी और गरीब मरीजों को इलाज के दौरान आर्थिक परेशानी से कैसे बचाया जा सकता है?




