मुख्यमंत्री घोषणाओं में देरी पर सख्त CDO, अक्टूबर तक जिले की सड़कें गड्ढामुक्त करने के निर्देश

भीमताल – विकास भवन सभागार भीमताल में बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे ने मुख्यमंत्री घोषणाओं, 20 सूत्री कार्यक्रम तथा जिला, राज्य, केंद्र एवं बाह्य सहायतित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि नैनीताल जिले की प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान है। इस पहचान को बनाए रखने और विकास के क्षेत्र में जिले को अग्रणी रखने की जिम्मेदारी सभी विभागों की है। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ समय पर आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री घोषणाओं में देरी पर होगी कार्रवाई
सीडीओ ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक भी मुख्यमंत्री घोषणा लंबित नहीं रहनी चाहिए। समीक्षा में बताया गया कि कुल 237 घोषणाओं में से 127 पूरी हो चुकी हैं, जबकि 94 का निस्तारण होना बाकी है।
लोक निर्माण विभाग से संबंधित सबसे अधिक 13 घोषणाएं अभी पूर्ण होनी शेष हैं। सीडीओ ने विभाग के सभी खंडों के अधिकारियों को लंबित कार्यों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय पर घोषणाएं पूरी नहीं होने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए उच्चाधिकारियों को कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
80 गांवों में होगी तारबाड़, वन्यजीव संघर्ष रोकने पर जोर
बैठक में सीडीओ ने बताया कि जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर जिले के प्रथम चरण में 80 गांवों में तारबाड़ एवं फेंसिंग का कार्य कराया जा रहा है। इससे किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को रोकने के साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
उन्होंने कृषि एवं वन विभाग को आपसी समन्वय से इस कार्य को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में कैंप लगाकर पहुंचाएं योजनाओं का लाभ
कृषि, उद्यान, ग्राम्य विकास, सहकारिता, सिंचाई, मत्स्य, बाल विकास, पशुपालन और रीप जैसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं आजीविका से जुड़े विभागों को सीडीओ ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर संयुक्त कैंप आयोजित करें, लोगों की समस्याएं सुनें और पात्र लोगों को विभागीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराएं।
20 सूत्री कार्यक्रम में ए श्रेणी बरकरार रखने के निर्देश
20 सूत्री कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान सीडीओ ने कहा कि शासन से निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करना विभागों की जिम्मेदारी है। वर्तमान में 30 विभाग ए श्रेणी में हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि ये विभाग मार्च तक ए श्रेणी में बने रहें। वहीं छह विभाग बी और दो विभाग सी श्रेणी में हैं, उन्हें तत्काल सुधार करते हुए ए श्रेणी में लाने के निर्देश दिए गए।
जिला योजना में शत-प्रतिशत धनराशि आवंटित
जिला, राज्य और केंद्र योजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि नैनीताल प्रदेश का पहला जिला है, जहां चालू वित्तीय वर्ष में जिला योजना की शत-प्रतिशत धनराशि विभागों को आवंटित की जा चुकी है। अब तक विभागों द्वारा करीब 28 प्रतिशत धनराशि खर्च की गई है। राज्य योजना में करीब 45 प्रतिशत और केंद्रीय योजनाओं में करीब 60 प्रतिशत धनराशि खर्च की जा चुकी है।
सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत धनराशि का समय पर और शत-प्रतिशत सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए। जिन योजनाओं में अभी तक टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, उनमें तत्काल टेंडर कराकर निर्माण कार्य शुरू किए जाएं।
अक्टूबर तक सड़कें गड्ढामुक्त करने के निर्देश
सीडीओ ने सभी सड़क निर्माण एजेंसियों को अक्टूबर तक जिले की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए। जिन सड़कों पर हॉटमिक्स किया जाना है, वहां मौसम अनुकूल होने पर कार्य पूरा करने को कहा गया।
वहीं मानसून काल में पौधारोपण की समीक्षा करते हुए वन, उद्यान, भैषज एवं ग्राम्य विकास विभाग को 15 सितंबर तक अधिकाधिक पौधारोपण कर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने लगाए गए पौधों की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया।
बैठक में सचिव जिला विकास प्राधिकरण मनीष कुमार, अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, सीएमओ डॉ. रश्मि पंत, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मुकेश नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




