Dehradun:- धार्मिक आस्था और विकास का संदेश: सीएम धामी बोले—संस्कृति संरक्षण के साथ आगे बढ़ रहा उत्तराखंड


उत्तराखंड – चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून स्थित माँ कालिका मंदिर, पलटन बाजार पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए माँ भगवती से प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नवरात्र का पर्व शक्ति, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। यह पर्व समाज में सकारात्मक ऊर्जा, आत्मबल, एकता और समरसता का संदेश देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखद और समृद्ध जीवन की कामना करते हुए माँ कालिका का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि माँ भगवती की कृपा से प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।
मंदिर परिसर में इस दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद रही। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से संवाद कर उन्हें नवरात्र की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास एवं पुनरोद्धार के लिए अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनर्जागरण के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।
उन्होंने श्री राम मंदिर के निर्माण को देश की आस्था और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया। साथ ही बदरीनाथ धाम के पुनर्विकास और केदारनाथ धाम में आपदा के बाद हुए पुनर्निर्माण कार्यों को वैश्विक स्तर पर उदाहरण बताया।
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और धार्मिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी भी प्रकार का जनसंख्या असंतुलन नहीं होने दिया जाएगा और राज्य की मूल संस्कृति की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।





