ग्रामीण विकास परियोजनाओं में तेजी, 3 दिन में प्रस्ताव अपलोड करने के निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में नाबार्ड की उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष (RIDF) के तहत अधिक से अधिक परियोजनाओं को शामिल करने और ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने प्रस्ताव अगले तीन दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड करें।
साथ ही, गतिमान परियोजनाओं की प्रतिपूर्ति के लिए भी शीघ्र प्रस्ताव भेजने को कहा, ताकि समय पर धनराशि जारी की जा सके। उन्होंने कहा कि विभाग आपसी समन्वय के साथ एकीकृत दृष्टिकोण अपनाकर परियोजनाएं तैयार करें, जिससे किसी भी क्षेत्र में योजनाओं का अधिकतम लाभ लोगों तक पहुंच सके।
कृषि और बागवानी क्षेत्र में संपूर्ण लिंकेज के साथ बड़े क्लस्टर आधारित प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य सचिव ने नाबार्ड से तकनीकी और विशेषज्ञ सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए कहा कि नाबार्ड को गतिशक्ति पोर्टल का एक्सेस दिया जाए, ताकि परियोजनाओं का अध्ययन कर 4-5 क्षेत्रों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जा सके।
इस पर नाबार्ड ने जल्द विशेषज्ञ टीम तैनात करने का आश्वासन दिया। बैठक में उद्यान विभाग को पॉलीहाउस परियोजना की साप्ताहिक समीक्षा कर जल्द पूरा करने तथा पशुपालन विभाग को सभी जनपदों में बड़े पशु चिकित्सालय स्थापित कर दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1000 करोड़ रुपये के प्रस्तावों का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 500 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव शासन को प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 271 करोड़ रुपये के प्रस्ताव नाबार्ड को भेजे जा चुके हैं। इनमें से 210 करोड़ रुपये की डीपीआर भी नाबार्ड को प्राप्त हो चुकी है।
बैठक में प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, सी. रविशंकर, धीरज सिंह गर्ब्याल, नाबार्ड के सीजीएम पंकज यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।




