उत्तराखण्डज़रा हटकेदेहरादून

Uttarakhand:-धामी सरकार की योजनाओं से बदली अमनदीप कौर की जिंदगी,आत्मनिर्भरता की बनी मिसाल

ADVERTISEMENTS Ad

स्वयं सहायता समूह से जुड़कर शुरू किया बुटीक, अब हर महीने कमा रहीं हजारों रुपये

उत्तराखंड – राज्य में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रही सरकारी योजनाओं का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ कर रही हैं।

इसी कड़ी में विकास खंड रुद्रपुर के पुलभट्टा क्षेत्र स्थित ग्राम सतुइया की निवासी अमनदीप कौर की कहानी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है। पहले एक सामान्य गृहिणी के रूप में जीवन यापन कर रहीं अमनदीप के पास सिलाई-कढ़ाई का वर्षों का अनुभव था, लेकिन घरेलू जिम्मेदारियों और संसाधनों की कमी के चलते वह अपने हुनर का उपयोग नहीं कर पा रही थीं।

परिवार की आर्थिक चुनौतियों के बीच उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। हैप्पी स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने केसरी ग्राम संगठन और संघर्ष क्लस्टर के माध्यम से सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी शुरू की। उनकी लगन और सीखने की इच्छा को देखते हुए उन्हें ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत व्यक्तिगत उद्यम योजना की जानकारी दी गई।

योजना से प्रेरित होकर अमनदीप कौर ने सिलाई-कढ़ाई के अपने अनुभव को आधार बनाते हुए बुटीक खोलने का निर्णय लिया। इस कार्य के लिए उन्हें बैंक से 2 लाख 15 हजार रुपये का ऋण मिला, जिसमें 75 हजार रुपये की सब्सिडी शामिल थी। इसके अतिरिक्त उन्होंने स्वयं भी 75 हजार रुपये का निवेश किया।

आज अमनदीप कौर अपने बुटीक के माध्यम से हर महीने लगभग 10 से 15 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सम्मान में भी वृद्धि हुई है। उनकी सफलता से प्रेरित होकर गांव की अन्य महिलाएं भी स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।

यह कहानी दर्शाती है कि उचित मार्गदर्शन, सरकारी योजनाओं का सहयोग और आत्मविश्वास के साथ ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं। उत्तराखंड में महिला सशक्तिकरण की दिशा में हो रहे ये प्रयास प्रदेश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad

Related Articles