“हल्द्वानी में स्मार्ट मीटर को लेकर बवाल: ठेकेदार पर जबरदस्ती मीटर लगाने और पुलिस के दुरुपयोग के आरोप”

हल्द्वानी।पिछले कई दिनों से स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर लोगों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच अब इस पूरे मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जो लोग अपने घरों में स्मार्ट मीटर नहीं लगवाना चाहते, उनके घरों में जबरदस्ती मीटर लगाए जा रहे हैं।
लोगों का कहना है कि मीटर लगाने के लिए आए ठेकेदार और आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा पुलिस को बुलाया जा रहा है, जिससे लोगों में भय का माहौल बनाया जा रहा है। आमतौर पर यदि किसी सरकारी विभाग को किसी काम के लिए पुलिस बल की आवश्यकता होती है, तो संबंधित विभाग द्वारा पुलिस को पत्र लिखकर फोर्स की मांग की जाती है और उसकी औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाती है। लेकिन इस मामले में ऐसा कोई स्पष्ट पत्र या आदेश सामने नहीं आया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मीटर लगाने वाले अधिकांश लोग सरकारी कर्मचारी नहीं बल्कि आउटसोर्स वर्कर हैं, जिनका सत्यापन भी जरूरी है। लोगों का कहना है कि बिना सहमति और उचित प्रक्रिया के घरों में जबरदस्ती मीटर लगाना गलत है।
इस पूरे मामले को लेकर हमने मीटर लगाने वाले सर्किल इंचार्ज हरीश तिवारी से फोन पर बात की। जब उनसे पूछा गया कि पुलिस को बुलाने के लिए क्या विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पत्र जारी किया गया है, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया और कहा कि यह सरकार की योजना है, इसलिए पुलिस का आना स्वाभाविक है। हालांकि बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी माना कि ऐसा कोई पत्र पुलिस को नहीं दिया गया है जिसमें लिखा हो कि मीटर लगाने में बाधा आने पर पुलिस फोर्स दी जाए।
अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बिना आधिकारिक पत्र के पुलिस की मौजूदगी में लोगों के घरों में मीटर कैसे लगाए जा रहे हैं। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2027 में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में वे इस मुद्दे का जवाब सरकार को देंगे।





