Uttarakhand:-30 दिन से लंबित शिकायतों पर सख्ती_अब ‘फोर्स क्लोज’ नहीं चलेगा

देहरादून – उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन 1905 पर लंबित शिकायतों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 30 दिन से अधिक पुरानी शिकायतों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना उचित प्रक्रिया अपनाए किसी भी शिकायत को “फोर्स क्लोज” न किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई अधिकारी बिना ठोस कार्रवाई के शिकायत को बंद करता है, तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। अब किसी भी शिकायत को फोर्स क्लोज करने के लिए जिलाधिकारी, विभागाध्यक्ष या संबंधित सचिव की अनुमति अनिवार्य कर दी गई है।
उन्होंने समीक्षा प्रणाली को भी मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत जिलाधिकारी प्रत्येक सप्ताह शिकायतों की समीक्षा करेंगे, जबकि विभागीय सचिव महीने में कम से कम दो बार प्रगति की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत का निस्तारण तभी पूर्ण माना जाएगा, जब शिकायतकर्ता संतुष्ट हो।
बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित करें और उनका फीडबैक लें, ताकि समस्याओं का समाधान केवल कागजों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर भी दिखाई दे।
इस दौरान यह भी बताया गया कि हेल्पलाइन में अब एआई आधारित सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है, जिससे शिकायतों का पूर्वानुमान, हॉटस्पॉट की पहचान और मौसम आधारित समस्याओं के समाधान में तेजी आई है।
समीक्षा में सामने आया कि देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में सबसे अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं, जबकि उत्तरकाशी और चम्पावत जिलों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं कुछ शिकायतकर्ताओं से बातचीत की और संबंधित अधिकारियों को कई मामलों में तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।





