नैनी झील से हटाया जा रहा मलबा, विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई

नैनीताल – मानसून के दौरान हुई भारी बारिश के चलते नैनी झील के विभिन्न हिस्सों में जमा हुए मलबे और डबरी को हटाने का काम तेज कर दिया गया है। झील की पारिस्थितिकी को सुरक्षित रखते हुए मलबे के निस्तारण की कार्रवाई विशेषज्ञ भू-वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि अत्यधिक वर्षा के कारण इस मानसून में झील के अलग-अलग हिस्सों में काफी मात्रा में मलबा और अन्य सामग्री जमा हो गई थी। इसे झील के पानी में घुलने अथवा फैलने से पहले ही हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ काम
डीएम ने बताया कि झील में जमा मलबे को हटाने से पहले विशेषज्ञ भू-वैज्ञानिकों की रिपोर्ट ली गई, ताकि झील की पारिस्थितिकी और प्राकृतिक संरचना को नुकसान पहुंचाए बिना वैज्ञानिक तरीके से कार्य किया जा सके। जियोलॉजिस्ट की रिपोर्ट के आधार पर सिंचाई विभाग द्वारा इस वर्ष मानसून के दौरान झील में आई मलबा सामग्री को हटाने का कार्य किया जा रहा है।
प्रशासन का जोर इस बात पर है कि मलबा हटाने की प्रक्रिया के दौरान झील के पर्यावरणीय संतुलन और जल गुणवत्ता पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
जलस्तर सामान्य होने पर झील के तल पर भी काम
जिलाधिकारी ने बताया कि आगे जब नैनी झील का जलस्तर सामान्य स्थिति में आएगा, तब झील के तल से संबंधित आवश्यक कार्य भी किया जाएगा। इसके तहत झील के तल को व्यवस्थित करने तथा आवश्यकतानुसार गहरीकरण/तल सुधार का काम किया जाएगा, ताकि झील की जल-धारण क्षमता को बनाए रखा जा सके।
उन्होंने कहा कि नैनी झील शहर की पहचान के साथ-साथ क्षेत्र की महत्वपूर्ण जल संरचना भी है। इसलिए इसके संरक्षण और क्षमता बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक आधार पर लगातार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।




