Nainital:-बाबा नीब करौरी धाम में उमड़ा जनसैलाब, आस्था और व्यवस्था का दिखा अद्भुत संगम

नैनीताल – विश्व प्रसिद्ध श्री कैंची धाम में आयोजित वार्षिक स्थापना दिवस मेले के अवसर पर सोमवार को आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ सुबह से ही मंदिर परिसर में देखने को मिली। प्रशासन के अनुसार अब तक लगभग 36 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके हैं।
मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस एवं प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और जाम की स्थिति से बचने के लिए भवाली स्थित फॉरेस्ट बैरियर को शटल सेवा का मुख्य केंद्र बनाया गया है। यहां से श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से कैंची धाम तक पहुंचाया जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फॉरेस्ट बैरियर से आगे सभी श्रद्धालु पैदल ही यात्रा करेंगे, जिससे पैदल चल रहे भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और भीड़ का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।
मेले की संवेदनशीलता और श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने मेला क्षेत्र का लगातार निरीक्षण करते हुए कैंची मेले के लिए स्थापित मुख्य कंट्रोल रूम का आकस्मिक निरीक्षण किया तथा वहां तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रत्येक गतिविधि पर सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए।
इसके अलावा एसएसपी ने फॉरेस्ट बैरियर सहित विभिन्न संवेदनशील स्थलों का भ्रमण कर ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस बल को सेवा भाव के साथ कार्य करने, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की सहायता के लिए हर समय तत्पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के चलते मेला क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। श्रद्धालु भी हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कर रहे हैं।
कैंची धाम में उमड़ी आस्था और प्रशासन की सजगता ने मेले को श्रद्धा, सुरक्षा और सुव्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण बना दिया है।





