पर्यटकों और वाहन चालकों के लिए नई व्यवस्था, 1 अगस्त से मॉल रोड बनेगी साइलेंट ज़ोन

नैनीताल – उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में जिला प्रशासन ने नैनीताल की ऐतिहासिक मॉल रोड को 1 अगस्त 2026 से पूर्ण रूप से ‘नो हॉर्निंग ज़ोन’ घोषित करने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।
उपजिलाधिकारी नवाजिश खलीक ने बताया कि “नो हॉर्निंग ज़ोन” को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत फ्लेक्स, साइन बोर्ड, होर्डिंग और अन्य प्रचार सामग्री तैयार कर प्रमुख स्थानों पर लगाई जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया, स्थानीय टीवी चैनलों, केबल नेटवर्क, एलईडी स्क्रीन और अन्य माध्यमों से भी लोगों को इस नई व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को मॉल रोड के दोनों ओर निर्धारित मानकों के अनुरूप ‘नो हॉर्निंग ज़ोन’ के संकेतक लगाने के निर्देश दिए हैं। वहीं नगर पालिका परिषद को नगर के प्रवेश द्वारों, सूचना पट्टों, टोल टैक्स रसीदों और अन्य प्रमुख स्थानों पर इस संबंध में सूचना प्रदर्शित करने को कहा गया है।
प्रशासन के अनुसार पुलिस एवं परिवहन विभाग संयुक्त रूप से इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंगे। नियमों का उल्लंघन कर अनावश्यक हॉर्न बजाने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार चालान और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
व्यवस्था की प्रभावी निगरानी के लिए आवश्यकता अनुसार सीसीटीवी कैमरे, एलईडी डिस्प्ले और अन्य आधुनिक निगरानी उपकरण भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा होटल एसोसिएशन, व्यापार मंडल, टैक्सी यूनियन, नाविक संघ और अन्य संबंधित संगठनों के सहयोग से लोगों में जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
जिला प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि नैनीताल की शांत, स्वच्छ और प्राकृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए “नो हॉर्निंग ज़ोन” के नियमों का पालन करें तथा अनावश्यक रूप से हॉर्न बजाने से बचें।




