Haldwani:-सुमित हृदयेश के नेतृत्व में बुद्ध पार्क में प्रदर्शन, बोले—असल नशा कारोबारियों पर हो सख्त कार्रवाई

हल्द्वानी – राजपुरा क्षेत्र में कथित अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठा रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को जिला-महानगर कांग्रेस कमेटी ने बुद्ध पार्क में पुलिस प्रशासन का पुतला दहन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने जमकर नारेबाजी करते हुए नशे के कारोबारियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश की मौजूदगी में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राजपुरा क्षेत्र में नशे के कथित कारोबार के खिलाफ लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद वास्तविक कारोबारियों पर कार्रवाई करने के बजाय नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को मुकदमों में उलझाया जा रहा है।
विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि राजपुरा वासियों द्वारा शुरू किया गया नशा विरोधी अभियान केवल एक क्षेत्र का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे हल्द्वानी की जनभावना से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नशे के खिलाफ ज्ञापन दिए, हस्ताक्षर अभियान चलाया और चौकी पर धरना भी दिया, लेकिन इसके बावजूद नशे के कारोबारियों पर कार्रवाई के बजाय अभियान से जुड़े लोगों पर मुकदमे दर्ज किए जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि पुलिस एक जनसेवा संस्था है और अधिकारियों को जनता तथा जनप्रतिनिधियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए। कांग्रेस की मांग है कि नशे के वास्तविक कारोबारियों और उनके पूरे नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा निर्दोष सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों को अपराधी की तरह पेश करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए और यदि वे झूठे अथवा द्वेषपूर्ण पाए जाते हैं तो उन्हें समाप्त किया जाए।
वहीं जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने कहा कि राजपुरा में चल रहा नशा विरोधी अभियान किसी राजनीतिक स्वार्थ का नहीं, बल्कि बच्चों और युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए स्थानीय जनता की आवाज है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की शिकायतों की गंभीरता से जांच कर नशे के नेटवर्क पर कार्रवाई करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राजपुरा चौकी पर धरने के बाद जनप्रतिनिधि पुलिस कप्तान से मिलने पहुंचे, लेकिन उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया और उनका ज्ञापन भी स्वीकार नहीं किया गया। नेताओं ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों ने पहले ही आशंका जताई थी कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा सकते हैं।
कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग करते हुए घटनास्थल के CCTV फुटेज और उपलब्ध मोबाइल वीडियो को जांच का हिस्सा बनाने की मांग की है, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को इसी तरह परेशान किया गया और जनभावनाओं की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रदर्शन में विधायक सुमित हृदयेश, जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल, महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट, हेमंत बगड़वाल, जीवन कार्की, मधु सांगूड़ी, कमला सनवाल, रेनू तोमर, पुष्पा नेगी, दीप पाठक, राजेंद्र बिष्ट रज्जी, मोहन बिष्ट, जाकिर हुसैन, गोविंद बगड़वाल, हेम दुर्गापाल, मयंक भट्ट,
हिमांशु जोशी, कानू बिष्ट, दिनेश सांगूड़ी, प्रदीप नेगी, त्रिलोक बनोली, विजेंद्र चौहान, संजय शेखर, जीत सिंह, संदीप भैसोड़ा, मो. शरीफ, इशरत अली, दिवेश तिवारी, रवि गुरुरानी, कमलेश पांडे, शंकर कोहली, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष इंजीनियर सुमित कुमार, अमित रावत, विक्की कोटलिया और छात्र नेता मेहुल साह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।




