आईसीजेएस प्रशिक्षण से तेज होगी न्याय प्रक्रिया, कोर्ट मोहर्रिर और पैरोकारों को दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण

हल्द्वानी – न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता, तेजी और तकनीकी दक्षता बढ़ाने की दिशा में पुलिस विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। अपर पुलिस अधीक्षक/सीओ हल्द्वानी अमित कुमार ने हल्द्वानी स्थित अपने कार्यालय में न्यायालयों के सभी कोर्ट मोहर्रिर एवं पैरोकारों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। प्रशिक्षण में न्यायालयों के आईसीटी पोर्टल सॉफ्टवेयर पर आईसीजेएस (Inter-operable Criminal Justice System) के माध्यम से एफआईआर और चार्जशीट को डिजिटल रूप से कंज्यूम (उपयोग/समाहित) करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
तकनीक से आसान और तेज होगी न्यायिक प्रक्रिया
प्रशिक्षण के दौरान एएसपी/सीओ हल्द्वानी अमित कुमार ने कहा कि डिजिटल दौर में पुलिस और न्याय व्यवस्था को अधिक पेपरलेस, पारदर्शी और त्वरित बनाने में आईसीजेएस पोर्टल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके माध्यम से थानों से भेजी जाने वाली एफआईआर एवं आरोप-पत्र न्यायालय के सॉफ्टवेयर तक डिजिटल माध्यम से सुरक्षित और तेजी से पहुंच सकेंगे।
उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से दस्तावेजों के आदान-प्रदान में लगने वाले समय को कम किया जा सकेगा और न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया को गति मिलेगी। साथ ही रिकॉर्ड के डिजिटल रूप से उपलब्ध होने से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और सुगमता भी बढ़ेगी।
मौके पर दूर किए तकनीकी संदेह
प्रशिक्षण सत्र के दौरान कोर्ट मोहर्रिर एवं पैरोकारों को आईसीजेएस सॉफ्टवेयर के संचालन की बारीकियों से अवगत कराया गया। उन्हें एफआईआर और चार्जशीट से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों द्वारा पूछे गए तकनीकी सवालों और शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया गया।
पुलिस विभाग की इस पहल से न्यायालय और पुलिस के बीच दस्तावेजों के डिजिटल आदान-प्रदान में तेजी आने के साथ ही न्यायिक कार्यों को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।




