Lalkuan:-भीषण गर्मी में प्यास की पुकार, ठंडे पानी को तरस रहे राहगीर,प्याऊ व्यवस्था पूरी तरह फेल

लालकुआँ – भीषण गर्मी के बीच नगर में प्याऊ व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सार्वजनिक स्थानों पर लगे प्याऊ और वाटर कूलर लंबे समय से खराब पड़े हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को ठंडे पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि लोग हाथों में पानी की बोतल लेकर इधर-उधर दौड़ते नजर आ रहे हैं।
नगर के पीपल मंदिर स्थित आजाद नगर वार्ड नंबर चार में राहगीरों के लिए लगाया गया वाटर कूलर रखरखाव के अभाव में लंबे समय से बंद पड़ा है। यही स्थिति रेलवे स्टेशन, तहसील और अस्पताल जैसे प्रमुख स्थानों की भी है, जहां गर्मी के इस मौसम में पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। चिलचिलाती धूप और तपिश के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है और दुकानदार भी ग्राहकों के इंतजार में बैठे हैं।
लालकुआँ, जिसे कुमाऊँ का प्रवेश द्वार कहा जाता है, वहां रोजाना विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। रेलवे स्टेशन चौराहे पर दिनभर यात्रियों और विद्यार्थियों की भीड़ रहती है, लेकिन यहां प्याऊ की उचित व्यवस्था न होने से लोगों को दुकानों पर जाकर पानी पीना पड़ता है। कई बार पानी की आपूर्ति बाधित होने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे लोग मजबूरन पानी खरीदकर प्यास बुझाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व चेयरमैन स्वर्गीय रामबाबू मिश्रा के कार्यकाल में शहर के कई स्थानों पर वाटर कूलर लगाए गए थे, जिनसे लोगों को राहत मिलती थी। लेकिन करीब एक वर्ष पहले रेलवे स्टेशन के पास लगे वाटर कूलर को हटाकर आठ मटकों वाला प्याऊ लगाया गया, जो आज तक उपयोग में नहीं आ सका। ये मटके अब धूल फांक रहे हैं, जिन पर काई जम चुकी है और टोटियां भी खराब हो चुकी हैं। आसपास गंदगी का अंबार लगा है, लेकिन जिम्मेदारों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
गर्मी के इस भीषण दौर में जहां इंसान ही नहीं बल्कि पशु-पक्षी भी पानी के लिए तरस रहे हैं, वहीं नगर पंचायत की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। स्थानीय निवासियों ने नगर पंचायत और जिला प्रशासन से जल्द से जल्द प्याऊ और वाटर कूलरों की मरम्मत कर पानी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है। साथ ही लोगों ने जिलाधिकारी से इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर शीघ्र समाधान कराने की गुहार लगाई है।





