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Lalkuan:;वन विभाग का बड़ा एक्शन प्लान: लालकुआं में अतिक्रमण पर चलेगा बुलडोजर

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लालकुआं – तराई केन्द्रीय वन प्रभाग अंतर्गत लालकुआं क्षेत्र में वर्षों से जमी अवैध अतिक्रमण की झोपड़पट्टियों और दुकानों पर अब बुलडोजर चलने वाला है। इसके लिए वन विभाग ने बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान की योजना तैयार कर ली है, जिसमें पहले चरण में चिन्हित अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर खाली करने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद तय समयसीमा में अतिक्रमण न हटाए जाने पर सीधा बुलडोजर एक्शन लिया जाएगा।

बताते चलें कि यहां अपने कार्यालय पर जानकारी तराई केन्द्रीय वन प्रभाग रूद्रपुर डिवीजन के प्रभागीय वनाधिकारी उमेश चन्द्र तिवारी ने बताया कि लालकुआं वीआईपी गेट के पास और ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में वन भूमि पर लंबे समय से लगभग 300 से अधिक लोगों द्वारा अवैध कब्जे किए गए हैं।

इन सभी अतिक्रमणकारियों को पूर्व में सुनवाई के लिए बुलाया गया था और सुनवाई के बाद उन्हें बेदखली के आदेश जारी किए जा चुके हैं। अब संबंधित रेंज अधिकारियों को सर्वेक्षण के आदेश दे दिए गए हैं।उन्होंने साफ कहा कि सर्वे रिपोर्ट के बाद अंतिम नोटिस जारी किए जाएंगे, और इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो बुलडोजर की कार्रवाई तय है।

वन भूमि पर सख्ती: ‘अब कोई रियायत नहीं’

वही एसडीओ उमेश चन्द्र तिवारी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग वन अधिनियम के तहत सख्त कार्यवाही करने को तैयार है।

टांडा रेंज सबसे अधिक संवेदनशील

सूत्रों के अनुसार, टांडा रेंज के जंगलों में हाल ही में सबसे अधिक अतिक्रमण सामने आया है। यहां कुछ महीनों में ही नई झोपड़ियां और अस्थायी निर्माण खड़े हो गए हैं, जिससे वन्य जीवों के आवास पर सीधा खतरा उत्पन्न हो गया है।

अब प्रशासनिक इच्छाशक्ति की परीक्षा

यह देखना अहम होगा कि वन विभाग की यह घोषणा कितनी जमीनी स्तर पर क्रियान्वित होती है। क्योंकि पूर्व में भी कई बार अतिक्रमण के खिलाफ अभियान की घोषणाएं हुईं, लेकिन राजनीतिक और सामाजिक दबाव के कारण उन्हें अमल में नहीं लाया जा सका।यदि इस बार विभाग अपने ऐलान पर खरा उतरता है, तो यह न केवल जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा की दिशा में एक साहसिक कदम होगा, बल्कि वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को भी एक सख्त संदेश जाएगा।

इधर डीएफओ उमेश चन्द्र तिवारी ने कहा वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सर्वे के बाद अंतिम नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

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