सागौन तस्करी रोकने पहुंची वन टीम पर हमला, फायरिंग के बीच तस्कर जंगल में हुए फरार

रुद्रपुर – तराई केंद्रीय वन प्रभाग की टांडा रेंज में बुधवार देर रात सागौन की लकड़ी की तस्करी रोकने पहुंची वन विभाग की टीम पर तस्करों ने फायरिंग कर दी। जवाब में वनकर्मियों ने भी आत्मरक्षा में फायर किए। खुद को घिरता देख तस्कर पिकअप वाहन, मोटरसाइकिल और काटी गई सागौन की लकड़ी मौके पर छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए।
रेंजर रूपनारायण गौतम ने बताया कि देर रात करीब तीन बजे मुखबिर से सूचना मिली थी कि टांडा रेंज के जंगल में सागौन की लकड़ी की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दी। जंगल में पहले से काटकर रखे गए सागौन के गिल्टे मिले, जबकि कुछ देर बाद एक पिकअप वाहन वहां पहुंचा और उसमें सवार तस्कर लकड़ी लोड करने लगे।
वनकर्मियों ने टॉर्च की रोशनी डालकर तस्करों को रुकने का इशारा किया, लेकिन आरोप है कि तस्करों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में वन विभाग की टीम ने भी आत्मरक्षा में फायर किए। फायरिंग के दौरान तस्कर जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने सागौन के पांच गिल्टे, एक पिकअप वाहन और एक मोटरसाइकिल जब्त कर ली। रेंजर ने बताया कि मामले में आकाश सिंह निवासी सांपकठानी, गुर्जर खत्ता की पहचान की गई है। वह पूर्व में भी लकड़ी तस्करी के मामलों में जेल जा चुका है तथा उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं।
वन विभाग ने नामजद आरोपी सहित अन्य अज्ञात तस्करों के खिलाफ वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।




