Uttrakhand.STF का बड़ा एक्शन: साइबर ठगी के ‘म्यूल अकाउंट’ गिरोह पर शिकंजा, 2 दिन में 4 मुकदमे दर्ज

देहरादून। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने साइबर अपराधियों के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले म्यूल अकाउंट नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो दिनों के भीतर 4 मुकदमे दर्ज किए हैं। STF ने अब तक इस मामले में 6 मुकदमे दर्ज कर 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ है कि आर्थिक रूप से कमजोर और मजदूर वर्ग के लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए जा रहे थे। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में होने वाले डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, शेयर मार्केट फ्रॉड, ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड और टास्क फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों से ठगी गई रकम को ट्रांसफर और छिपाने के लिए किया जा रहा था।
STF और साइबर क्राइम टीम ने NCRP पोर्टल, समन्वय पोर्टल, बैंकिंग रिकॉर्ड, KYC दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच के बाद इस संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया। जांच में सामने आया कि बिहार, केरल, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु सहित कई राज्यों में दर्ज साइबर ठगी की रकम इन खातों के जरिए घूमाई जा रही थी।
आज 8 जून को थाना साइबर क्राइम देहरादून और कुमाऊं में 3 नई एफआईआर दर्ज कर 4 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा कायम किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों, बैंक खातों और संभावित बैंक कर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
एसएसपी STF ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग लालच या कमीशन के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग सुविधाएं दूसरों को उपलब्ध कराते हैं, उनके खिलाफ भी मुख्य अपराधियों की तरह सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
STF की अपील:
किसी भी व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता, एटीएम, पासबुक, चेकबुक, सिम कार्ड या नेट बैंकिंग की जानकारी किसी अन्य को न दें। थोड़े से लालच के चक्कर में आप भी साइबर अपराध का हिस्सा बन सकते हैं और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।





