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सीतावनी के सीता-वाल्मीकि आश्रम में पहली बार गूंजी श्री जानकी कथा, भक्तिमय माहौल में उमड़े श्रद्धालु

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रामनगर – रामनगर क्षेत्र के सीतावनी स्थित पाटकोट के सीता-वाल्मीकि आश्रम में शनिवार को रामायण रिसर्च काउंसिल के तत्वावधान में पहली बार भव्य श्री जानकी कथा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और कथा का श्रवण किया।

सांसद अजय भट्ट ने बताया कि इस आध्यात्मिक आयोजन का उद्देश्य माता सीता के त्याग, तप, मर्यादा और प्रेरणादायी जीवन मूल्यों को समाज तक पहुंचाना तथा सनातन संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि माता सीता केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि नारी सम्मान, धैर्य और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा भी हैं। उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को जोड़ने के उद्देश्य से “सीता सखी समिति” के गठन की भी योजना बनाई जा रही है।

सांसद ने कहा कि सीतावनी क्षेत्र को रामायण काल से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों में माना जाता है, इसी कारण इस आयोजन के लिए इस स्थान का चयन किया गया।

कार्यक्रम में 12 वर्षीय बाल व्यास वैदेहीनंदन वेदांत जी द्वारा श्री जानकी कथा का वाचन किया गया। कथा के दौरान माता जानकी के जीवन चरित्र और आदर्शों का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान कर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया।

इस अवसर पर आचार्य नमन कृष्ण महाराज, आचार्य विजयश्री, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, सरिता आर्या सहित कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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