देवभूमि में फासीवाद नहीं चलेगा, निर्दोषों पर फर्जी केस बर्दाश्त नहीं – सुमित हृदयेश

हल्द्वानी – शहर में शनिवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में विधायक सुमित हृदयेश ने हालिया घटनाओं को लेकर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है, लेकिन सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार चिंताजनक है।
प्रेस वार्ता में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पीड़ित परिवारों ने संयुक्त रूप से अपनी बात रखते हुए आरोप लगाया कि पुलिस निष्पक्षता से कार्य नहीं कर रही है। विधायक हृदयेश ने कहा कि निर्दोष लोगों को कथित रूप से फर्जी मामलों में फंसाने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने मदरसन कंपनी में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चल रहे धरने का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां समर्थन देने पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ताओं—पीयूष जोशी, राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू और छात्र नेता आशीष कबड़वाल—के खिलाफ की गई कार्रवाई सवालों के घेरे में है। उनके अनुसार, इन सभी ने कानून के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी थी।
विधायक ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, कथित फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। साथ ही, पीड़ित परिवारों को सुरक्षा देने की भी बात कही गई।
प्रेस वार्ता में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी शांतिपूर्ण आंदोलनों को दबाने के आरोप लगाए और कहा कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं, पीयूष जोशी की माता पुष्पा जोशी ने अपने बेटे के साथ कथित मारपीट और धमकियों का आरोप लगाते हुए परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
कार्यक्रम में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल चिमवाल समेत कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग दोहराई।





