Lalkuan:-राजस्व गांव की मांग पर आर-पार की तैयारी, दो दिवसीय अनशन के बाद आंदोलन तेज करने के संकेत

लालकुआँ – विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में वनाधिकार संगठन के पदाधिकारियों ने लालकुआँ नगर पंचायत सभागार में पत्रकारों से वार्ता कर आगामी रणनीति की जानकारी दी।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि वनाधिकार अधिनियम (FRA) के तहत राजस्व गांव बनाए जाने की प्रक्रिया को पूरा किया जाना आवश्यक है। इस दिशा में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी किए जाने का दावा भी किया गया, लेकिन अब तक राजस्व गांव का दर्जा नहीं मिल पाने से ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा है।
इसी क्रम में 4 और 5 मई को बिंदुखत्ता स्थित शहीद स्मारक में दो दिवसीय क्रमिक अनशन और विचार गोष्ठी आयोजित की जाएगी। विचार गोष्ठी में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी आमंत्रित किया जाएगा, ताकि इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा हो सके।
वक्ताओं ने कहा कि इस दौरान प्रमुख राजनीतिक दलों से भी यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि राजस्व गांव बनाए जाने की प्रक्रिया में उनका अब तक क्या योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि इससे पहले 18 फरवरी को भी इस मांग को लेकर बड़ा आंदोलन किया गया था, जिसमें लगभग 15 हजार लोगों ने भाग लिया था। उस समय दो माह का अल्टीमेटम दिया गया था कि निर्धारित अवधि में अधिसूचना जारी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
संगठन के अनुसार, निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद अब आगामी कार्यक्रमों के तहत 4 और 5 मई को अनशन एवं विचार गोष्ठी आयोजित की जाएगी, जबकि 6 मई को एक विशाल सभा के माध्यम से आगे की रणनीति की घोषणा की जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मुद्दे पर शीघ्र सकारात्मक पहल करने की अपेक्षा जताई है।





