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Lalkuan:-कांग्रेस ने उठाई गौला नदी में तटबंध एवं सुरक्षा दीवार बनाने की मांग “स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर लगाएं गम्भीर आरोप

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लालकुआं – लालकुआं विगत लंबे समय से गौला नदी के टूटे तटबंधों की मरम्मत एवं गांव के किनारे नदी में सुरक्षा दीवार नहीं बनाएं जाने से बिन्दुखत्ता स्थित इन्द्रनगर द्वितीय गब्द्दा के ग्रामीण नाराज हैं, उन्होंने इस बात पर चिंता की है तटबंधों की मरम्मत एवं गांव किनारे नदी में सुरक्षा दीवार न होने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है और हर बार की तरह इस बार भी उनकी भूमि नदी में समा जाएगी। उन्होंने शासन प्रशासन एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द तटबंधों की मरम्मत करने तथा गांव के किनारे नदी में सुरक्षा दीवार बनाएं जाने की मांग की है।

इधर मौके पर पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुंदन सिंह मेहता ने गौला नदी के समीप बसे कई गांवों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने गौला नदी में लम्बे समय से टूटे पड़े तटबंधों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि आगामी 20 जून से मानसून सीजन शुरू होने वाला है ऐसे में गौला नदी से बिन्दुखत्ता को बचाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने किसी तरह की तैयारी नहीं कर रखी है। उन्होंने कहा कि मानसून सीजन में पहाड़ों पर होती जमकर बारिश का असर मैदानी इलाकों में दिखता है तथा गौला नदी का जलस्तर बढ़ जाता है।जिससे हर साल बनने वाले तटबंध टूट जाते हैं जिसके चलते आसपास के गांवों में नदी की चपेट आ जाते हैं उन्होंने कहा कि बीते कुछ सालों से गौला नदी ने इन्द्रनगर द्वितीय गब्द्दा में बहुत नुक्सान पहुंचाया है यहां के लोगों की कई एकड़ जमीन पानी में बाहे गई तथा लोगों के पक्के मकान भी पानी में बाहे गए। हर साल नदी के पास बसे ग्रामीणों को भारी नुक्सान झेलना पड़ता है।इसके बावजूद शासन प्रशासन आंखें मुंदे बैठा हुआ है। उन्होंने कहा कि शासन प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है।

उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाया कि बरसात के समय फोटो खिंचवाने के लिए पोकलैंड लेकर जरूर नेता जी नदी में उतर जाते हैं। लेकिन उसके बाद नदी से गांव को बचाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाते है। उन्होंने कहा कि बरसात के समय ग्रामीणों को जान माल का डर बना रहता है। जिस कारण नदी में तटबंधों के साथ साथ सुरक्षा दीवार का निर्माण होना बहुत जरूरी है। ताकि लोगों को नदी के प्रलह से बचाया जा सके। उन्होंने प्रदेश सरकार एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द तटबंधों की मरम्मत करने तथा गांव के किनारे नदी में सुरक्षा दीवार बनाएं जाने की मांग की है। और‌ साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही टूटे तटबंधों की मरम्मत एवं नदी किनारे सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं कराया गया तो कांग्रेस उग्र आंदोलन को बाध्य जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

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