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उत्तराखंड के जंगल धधके: बागेश्वर-गरुड़ में आग का तांडव, मकानों तक पहुंचा खतरा

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बागेश्वर (उत्तराखंड): उत्तराखंड के बागेश्वर और गरुड़ क्षेत्रों में बारिश रुकते ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं फिर से बढ़ गई हैं। रविवार को बागेश्वर रेंज के रवाईंखाल और गरुड़ के अयारतोली इलाकों में भीषण आग लग गई, जिसने चीड़ के घने जंगलों को अपनी चपेट में ले लिया।

तेज हवाओं के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते यह ग्रामीण इलाकों और रिहायशी मकानों के बेहद करीब पहुंच गई। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर से ही धुएं का गुबार देखा जा सकता था, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई।

बचाव और नियंत्रण कार्य

वन विभाग, दमकल विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमों ने मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर आग बुझाने का कार्य शुरू किया। ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद गरुड़ के अयारतोली क्षेत्र में मकानों के पास पहुंची आग पर नियंत्रण पाया जा सका, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया।

बागेश्वर रेंज के रेंजर केवलानंद पांडेय ने बताया कि रवाईंखाल और सिमार क्षेत्रों में आग पर काबू पाने के लिए विभाग की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आगजनी की घटना की तुरंत सूचना देने की अपील की है।

चिंता का विषय

यह घटना उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में वनाग्नि की गंभीर समस्या को फिर से उजागर करती है। गर्मी के मौसम में सूखी वनस्पतियां और तेज हवाएं आग को फैलने में मदद करती हैं, जिससे न केवल बहुमूल्य वन संपदा का नुकसान होता है, बल्कि वन्यजीवों और मानव बस्तियों के लिए भी खतरा पैदा हो जाता है। वनों को बचाने के लिए जन जागरूकता और त्वरित कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है।

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